
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर “तारीफ” से “तगड़ा झटका” लग चुका है। समाजवादी पार्टी (SP) ने अपनी ही विधायक पूजा पाल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। वजह?
उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इतनी शिद्दत से तारीफ कर दी जैसे कोई पार्टी जॉइन करने से बस 1 मीठा बयान दूर हो!
“जब कोई उम्मीद नहीं बची थी…” – CM की तारीफ से टूटा गठबंधन
पूजा पाल ने सदन में कहा था:
“CM योगी की वजह से ही मुझे इंसाफ मिला। अतीक अहमद को मिट्टी में मिलाकर महिलाओं को न्याय दिलाया गया।”
अब समाजवादी पार्टी में बैठे रणनीतिकारों को शायद ये लगा कि तारीफ के इस ‘पैकेज’ में पार्टी की निंदा Free Trial में जुड़ गई है।
अखिलेश यादव का रिएक्शन: “इतनी खुलेआम तारीफ तो हमने खुद की भी नहीं की!”
सूत्रों के मुताबिक अखिलेश भैया थोड़े भावुक, थोड़े आहत, और बहुत ज़्यादा नाराज़ हुए।
उन्होंने कहा:
“जो CM हमारे हर मुद्दे पर विरोध में हैं, उनकी खुलेआम तारीफ? अब पार्टी के अंदर ‘फ्लेक्स’ नहीं चलेगा।”
अब सपा की मीटिंग में नया रूल पास हुआ है:
“तारीफ करनी है तो घर में करो, पार्टी में नहीं।”
पूजा पाल का साइलेंट स्वैग: “CM ने देखा मेरे आंसू, पार्टी ने नहीं”
पूजा पाल ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि
“CM योगी ने जो किया, वो कोई और नहीं कर सका… पार्टी बदल जाए, इंसाफ नहीं।”
अब लोग पूछ रहे हैं — “ये न्याय की जीत है या टिकट की तैयारी?”
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एक इंसाफ़ ऐसा भी जो पार्टी से निकाल देता है!”
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“सपा में तारीफ के रेट बढ़ गए हैं, अगली बार सोच-समझकर बोलें!”
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“पूजा पाल का राजनीतिक रील पोस्ट – Now Trending!”
सियासत में तारीफ सबसे खतरनाक हथियार बन गई है।
पूजा पाल का मामला बता गया कि कभी-कभी सच बोलना राजनीति में ‘अन-संवैधानिक’ माना जाता है — ख़ासकर जब वो CM योगी के लिए हो और पार्टी हो SP।
अब सबकी नजर इस पर है कि क्या पूजा पाल अगले चुनाव में “सिर्फ न्याय की नहीं, टिकट की भी तलाश” करेंगी?
अखिलेश को बहुत बुरा लगेगा “पूजा पाल का ‘Thank You Yogi Ji’ मोमेंट!”

